मुख्य लेख

Posted by Tahalka.In|Online News Channel | | Posted in , ,

भोलुआ   की   पाती ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,परधान  मंतरी  के नाम 

जरा ,,,,,,, एक ,,,,,,,,, नज़र,,,,,,,,, देखो,,,,,,,,,, ना 


 आदरनिये  परधान मंतरी मोदी जी ,
                                                 वालेकुम परनाम। झारखण्ड में खुशल मंगल नहीं है, आपका टीम आपका साथी संगी सभे ई राज के लुटे के वास्ते सियरफाँस लगाया है ,,आप भी उसको सहयोग किये है ,,चोर गुंडा लूटेरा ,बदनाम ,,बदमास के टिकट देके बोलते है की वोट दो ,हम सुधार देंगे ,,,अगर सुधारने का एतना कूबत है तब अच्छा आदमी का ज़रूरते नहीं रहेगा ,,झारखण्ड के  आदमी को आपलोग बुरबक ,,बकलोल ,,,और चोथू समझते है और आपका वु आलू जिसको आप काबिल और महाज्ञानी समझते है से लूटने का बड़का  फंडा बनाके सभेके धोखा दे रहा है। अब खाइये भाफल कद्दू। हो गया चुनाव सोलह सीट बचा है। हो गया खेती लटकल विधान सभा ,,,इसमें पेंडुलम जइसन लटकल रहिये ,जेतना अर्जुन ,,रघुबर ,,,,सौदान ,,,,,भूपेंदर ,,,राजेंदर ,,,सबके एकगो कुरसी  दे दीजिये जे लटकल रहेगा। केतना सरम के बात है मोदीजी की आपलोग इतना कसम खाते है और टिकट बेच  बेच दिए ,झारखण्ड का जनता आपलोग को माथा  पर बैठाया ,लोक सभा चुनाव में एतना इज्जत दिया उसको भी आपलोग दगा दे दिए। पहले तो घर के बेटिया को गुंडा से वियाह कर दिए ,,,सगाई सुदेश गुंडा से । उसी समय जनता भड़क गया। फिर एकगो टिकट बेच दिए ,,ऊपर से गुंडा मावली चोर को जिताने के लिए भासन दिए चल रहे है। जनता जान गया की आपलोग भी वही कोड़ा ,हरिनारायण ,,मुंडा ग्रुपवाला  आदमी  है से   बाहर का रास्ता देखा दिया ,नहीं तो अबरी आपलोग को साठ सीट मिलता। लेकिन आपका टीम कुभाखुर है ,,जोंक है ,,,,से  साग में नीमक के जगह चीनी डाल दिया।  अब का कीजियेगा - हम ईगो उपाय बताते है - झारखण्ड में ईगो अच्छा बढ़िया राजपाल दीजिये  और राष्ट्पति   शासन लगा दीजिये और एक साल तक यही शासन चले तब भला हो सकता है ,  हम तो कहते है की  सी आर पी ऍफ़ वाला विजय कुमार के राजपाल बना दीजिये ,और साथ में तीन गो ईमानदार सलाहकार दे दीजिये। नाय तो लुटेरा राजपाल दीजिये हर महीना  लूटके आपलोग के कुछ न कुछ देबे करेगा।  जइसन की आपलोग का मंतरी और अध्यछ लोग है। लूटिये लीजिये हमलोग  झारखण्ड का जेतना लोहा ,,कोयला ,अबरख ,,सोना ,उरेनियम  है सब जल्दी से जल्दी लूट लीजिये ,सब एक साथ ख़तम कर दीजिये ,,कम से कम लूटेरा लोग से जान तो छूटेगा  ,,जब आता है लुटने का फेराक में रहता है ,ई सब माया खत्म हो जायेगा तब हमलोग आराम से खेती बारी करेंगे  ,,आपभी गुजरात का गुणगान करते रहिये ,,ईगो किताब छपा लीजिये गुजरात महिमा ,,,,,,
  खैर  बड़ी कड़ा लिख दिए  पर सभे  बात एकदम निछुंना सच है। 
      आगे फिर  कभी  आपका
                              भोलुआ  उर्फ़ भोलानाथ  
                                                         ,मसीपीढ़ी  हज़ारीबाग़  
                                                                                         ८२५३०१ 

भोलुआ की पाती ,,,,,,,,,,चुनाव आयोग के नाम

Posted by Tahalka.In|Online News Channel | | Posted in ,

भोलुआ की पाती ,,,,,,,,,,चुनाव आयोग  के नाम 
                                                                   ज़रा एक नज़र देखो ना ,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आदरनिये कमिश्नर साहेब ,
                                      वालेकुम परनाम। आगे झारखण्ड का खुसल मंगल अच्छा है। हमारा बाल बच्चा छौवा चेंगा  गाय -गोरु सब आनंद है। लेकिन हियाँ पर वोटवा जे हो रहा है उसमे बड़ी मुस्किलिटी पैदा हो गया है। हिया परी  आचार संहिता का आचार बन रहा है और जे आपके जाजोदिया साहेब है से धकाधक माल पेल रहे है। कभी वोटर लिस्ट बनावे वाला से कभी वोटर कार्ड बनावे वाला से। अभी जे पेड़ न्यूज़ और विज्ञापन का मामला है उसमे भी धामधन धुक्कड़ उडा  के  माल का खेला कर रहे है। चुनाव का दिन भी न्यूज़ विज्ञापन छप  रहा है, आखिर आपलोग चुप काहे है कही आपलोग सब मिलके तो पेला- पेली नहीं खेल रहे है ? माय कसम हमको शक लगता है काहे की पैसा देनेवाला बड़ -बड़ुआ सब ओन्हे डिल्ली बॉम्बे से आया है। अब आपलोग टी एन सेसन साहब के आत्मा से बलात्कार कर रहे है। देखिये अभियो समय है अपना इज्जत बचा लीजिये नाय तो आपलोग को सोनागाछी में भी जगह नहीं मिलेगा। 
         आगे फिर कभी आपका
                                भोलुआ उर्फ़ भोलानाथ 
                                                            माँसीपीढ़ी 
                                                                        हज़ारीबाग़ ८२५३०१   

झारखण्ड में पंगु चुनाव आयोग

Posted by Tahalka.In|Online News Channel | | Posted in , , ,

         झारखण्ड में बदहवास  चुनाव आयोग
                     मामला विधान सभा चुनाव १४ का
तहलका डेस्क ( रांची )
झारखण्ड में हो रहे लोक सभा चुनाव में चुनाव आयोग एकदम असहाय सा दिखाई दे रहा है ,कोई कही से इनके आदेशो का पालन नहीं कर रहा है। मीडिया भी इनके आदेशो को रद्दी की टोकरी में फेक दे रहा है। चुनाव के दिन दो दो पेज का विज्ञापन अखबारों में छप रहा है जो गलत है ,पर इसका खुलासा कौन करेगा ? मीडिया बिक चूका है। झारखण्ड के लीडिंग अखबार में चार दैनिकों को चार चार करोड़ उससे कम सर्कुलेसन को दो दो करोड़ और चार छोटे अखबारों को एक एक करोड़ विज्ञापन के नाम पर दिया गया है ताकि कही से कोई कमी ना रहे यह काम वैसी पार्टी कर रही है जो अपने को सबसे अलग यानी पार्टी विथ डिफ़रेंस का नारा देते नहीं थकता है। यह विज्ञापन केंद्रीय कमेटी के तरफ से है स्थानीय उम्मीदवार अलग से विज्ञापन का झोला खोलकर चल रहे है। चैनलों को भी इसी हिसाब से विज्ञापन की थैलियां दी गयी है ,ताकि कोई विरोध में ना लिखे ,इन पैसो से ना सिर्फ मीडिया घराने बल्कि पत्रकार भी मालामाल हो रहे है। उनका मानना है की मौका अब पांच साल बाद आएगा। चुनाव आयोग मीडिया पर कोई लगाम लगाने की स्थिति में नहीं है कोई पेड़ न्यूज़ नहीं अगर कोई पेड़ न्यूज़ छपता है तो मीडिया पर कोई कार्यवाही नहीं बनेगी सिर्फ वह खर्च प्रत्यासी पर जोड़ दिया जायेगा। यह क्या फैसला है अगर कोई लीडिंग अखबार किसी प्रत्यासी को दो पेज अलग अलग न्यूज़ छाप दे वह पेड़ न्यूज़ प्रमाणित हो जायेगा ,,,कालम सेंटीमीटर के हिसाब से खर्च जुड़ जायेगा और उसका खर्च २८ लाख से ज्यादा भाग जायेगा। इस तरह कोई लीडिंग अखबार या मीडिया किसी भी प्रत्यासी को आसानी से हार के करीब ले जा सकता है। अभी की स्थिति में किसी अखबार या चैनल पर कोई डर भय या संहिता नहीं है। ज़ाहिर है की कोई भी सच्ची खबर नहीं छप रही है जो प्रत्यासी देता है ,जो चाहता है वही अखबारों में छपता है चैनलों में दिखता है। और यह विषबेल भाजपा ने लगाया है। चुनाव आयोग की यह मंशा कभी नहीं थी। टी एन सेसन ने जब अच्छे आचरण और आयोग की नीव रखी थी तब कभी भी उनकी सोच यह नहीं थी। इस तरह चुनाव आयोग अब गरीबो को चुनाव से वंचित कर देने की तरफ आगे बढ़ रहा है। या फिर चुनाव में खड़ा होकर भी वह कुछ नहीं कर पायेगा। गाड़ी बैनर झंडा खर्च किसी भी चीज़ की कोई हद नहीं है सब पैसे पर बिकता है ,भला बताईये की गरीब कहा टिकता है ? और यह  नीव भाजपा डाल रहा है,कांग्रेस गरीबो को गरीब ही रखने की मंशा रखता है ताकि वे उसके वोटर बने रहे और भाजपा उन्हें चुनाव लड़कर जितने से वंचित कर रहा है और इसमें चुनाव आयोग उनके साथी, सहयोगी, और रिस्तेदार की भूमिका निभा रहा है  झारखण्ड के मुख्य चुनाव आयुक्त पी के जाजोरिया ने सब मिट्टी पलित कर दी है। केबल नेटवर्क जो अवैध ढंग से चल रहे है वे भी चुनाव आयोग के डंडे से नहीं डर रहे है  ,धड़ाधड़ विज्ञापन न्यूज़ छाप रहे है मनमाना ढंग से। कहने को फेसबुक ट्यूटर सभी पर MCMC से सर्टिफिकेट लेना होगा पर ठेंगे पर रखा है सभी का आदेश।   
                               भाजपा का खेल 
वाह रे झारखण्ड का राजनितिक खेल अर्जुन -रघुबर -राजेंद्र- परिमल नथवाणी  सबने मिलकर ना सिर्फ टिकट बेचे बल्कि पार्टी की आबरू अस्मिता और स्टेटस भी  बेच दिया,बड़ा खेल हुवा लम्बा सौदा हुवा ,आजसू के साथ। सुदेश ने अपनी सीट बचाने के लिए तिलेस्वर के लाश को बेच दिया ,,अपना भ्रस्टाचार को छुपाने के लिए अपनी पार्टी के कई नेताओ की बलि चढ़ा दी जो पिछले ५ साल से पार्टी के जड़ को सींच रहे थे। दूसरी तरफ अमित शाह -नरेंद्र मोदी की बड़ी बड़ी बात की जा रही थी पर इनकी हवा अर्जुन मुंडा ने निकाल दी जिसको चाहा टिकट दिला दिया ,जिससे चाहा एलायंस करवा दिया ,कल सीट कम होने पर यही आजसू ब्लैक मेल करेगा ,फिर अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत करेगा जिनके जुगल जोड़ी के भ्रस्टाचार की कहानी जग ज़ाहिर है। अब सरकार ही जब ब्लैक मेल होगी तो इनपर कार्यवाही कैसे हो सकता है ? महाराष्ट्र में शिव सेना से परहेज़ करनेवाली पार्टी यहाँ आजसू के भ्रस्टाचार को अपने साथ लेकर चल रही है क्या इसमें अमित शाह जैसे तथाकथित  खिलाडी भी राजनितिक मंडी  बिकते दिखाई नहीं दे रहे है ? अमित महतो सिल्ली ,,राजा पीटर तमाड़ ,,समरेश सिंह बोकारो  ,,जैसे सीट को भी अर्जुन ने बेच दिया ,जिनकी जीत तय मानी  जा  रही थी  ,लेकिन ये अर्जुन के पिछलग्गू नहीं बनेंगे इसलिए इन्हे रास्ते से हटा दिया गया ,और केंद्रीय नेतृत्व ने इनके गलत इरादे  माफ़ इसलिए कर दिया क्युकी उन्हें मोटा माल मिल गया -चुप्पी साधने के  लिए। बड़कागांव जैसे सीट भी भाजपा की झोली में दिखाई दे रहे थे पर इनका भी सौदा हो गया ,कहा जा  रहा था की  संघ की चलेगी और संघ गलत नहीं करने देगा ,संघ नही बिकेगा। पर यहाँ संघ इस मामले में बिका भी और गलत करने की इजाजत भी दी। यानी झारखण्ड में सबकी ओकात भ्रस्ट हो जाती है। आजसू के साथ गठबंधन से फायदा सिर्फ आजसू को है भाजपा को नहीं क्युकी आजसू के मज़बूत दावेदार हर जगह से चुनाव लड़ेंगे ,बागी के रूप में, इसलिए फायदा  होने का सवाल ही नहीं  है,,बल्कि पार्टी  कार्यकर्ता उन बगिओ को मदद भी करेगा। दिखाने के लिए बागी को पार्टी से निकाल दिया जायेगा ,,बाद में ले लिया जायेगा ,अपनी खेती है ,किसी केंद्र के नेता से परमिसन लेने की जरुरत नहीं ना। 

झारखण्ड को बेचने  तईयारी चल रही है -गडकरी,शाह ,नथवाणी अर्जुन ,रघुबर ,सुदेस ,चंद्रप्रकाश सभी का सिंडिकेट है जो इस मामले में शामिल है ,इसी  कारन आजसू -भाजपा गठंबंधन हुवा है। असल में कोयले के ३२ ब्लॉक जो झारखण्ड में बिकने है उसकी तईयारी चल रही है अडानी से लेकर गडकरी तक इस मामले में शामिल है ,इसकी सुरुवात भाजपा शासनकाल में हो गयी थी जब अर्जुन मुख्यमंत्री थे ,इस काम में योगेन्द्र साव सबसे बड़ा रोड़ा थे सो उन्हें रास्ते से हटा दिया गया ,योगेन्द्र साव को जेल भेजने में केंद्र सरकार के गडकरी  लेकर मोदी तक  भूमिका निभायी और करोडो का खेल हुवा ,कप्तान मनोज कौशिक सिर्फ एक मोहरा थे ,इसीलिए उन्होंने आजतक कुछ नहीं कहा जबकि पूरी रामायण ख़त्म हो गयी। हां आगे यह नीति थी  सरकार बनाकर ये नुमाईन्दे कोयले की काली कमाई का खेल करेंगे इसमें नक्सली संगठन टी पी सी इनके साथ होगा अब तो टी पी सी का निर्माण करवाने में अहम भूमिका निभानेवाले बी डी राम इनके कुनबे में सिपाही बनकर खड़े है ,इसीलिए सिमरिया से गणेश गंझू ,लातेहार से नारायण गंझू को इनलोगो ने भाजपा से टिकट के लिए  अस्वस्त कर दिया था ,लेकिन ऐन वख्त पर मोदी जी ने गणेश का  नाम काट दिया की यह नक्सली है और नारायण गंझू टिकट मिलने के बाद ४ नवम्बर की रात्री में लातेहार में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी की कुंडली योगेन्द्र साव के पास है इसलिए उसे जेल भीतर भेज दिया गया है ,नक्सली संगठन का निर्माण  अलावे योगेन्द्र ने जो भी लूट लेवी रंगदारी का  काम किया है वह सभी नेता कर रहे है ,राजेंद्र सिंह  हद भी लाँघ चुके है ,और नक्सली संगठन बनवाने में तो बी डी राम   पर भी कार्यवाही बनती है पर ऐसा नहीं हुवा क्यों ?टी पी सी के इस मंशा को योगेन्द्र साव ने लिखकर भी दिया है। योगेन्द्र साव को पकड़वाने में दो बड़े आई पी एस अधिकारिओ की भूमिका है जो अमित शाह से लेकर गडकरी के संपर्क में है ,और इन्हे कार्पोरेट सेक्टर से दो करोड़ रु भी पेड़ करवाया है। इन सभी को भाजपा या झारखण्ड के विकास की कोई चिंता  नहीं है इन्हे चिंता है कार्पोरेट लूट की। अर्जुन मुंडा कभी नहीं चाहते है की भाजपा को ३५ से ज्यादा सीट आये वरना फिर कोई दूसरा विधायक  मुख्य मंत्री बन जायेगा ,,और तोड़ -जोड़ की जहा बात हुई वहां अर्जुन  अलावे कोई धनुर्धर सफल नहीं हो पायेगा। इसी कारण  ,राजा पिटर ,दुलाल भुईया जैसे श्योर शार्ट सीट को भी इन लोगो ने एक तरह से बेच दिया। इनकी मंशा तो यही है पर दुःख इस बात की है की अमित शाह इनके इस खेल में शामिल हो गए है। गडकरी और नथवाणी तो मानले की पहले से ही कार्पोरेट सेक्टर के वो है . अगर मोदी जी इनकी मंशा को नहीं रोक पाये तो एक बार फिर से झारखण्ड के जबरदस्त लूट की कहानी सार्थक हो जाएगी।लेकिन यहाँ देखिये 
नरेन्द्र मोदी जी ने झारखण्ड को लुटना शुरू कर दिए हैं,टंडवा प्रखंड से खुदाई शुरू कर कोयला लुट जारी है टंडवा हजारीबाग रोड में अडानी के बडे बडे हाईवा से कोयले की लूट जारी है,कोई इसका विरोध वहीं करे इसलिये टीपीसी का खौफ बनाने के लिये लुट का कुछ हिस्सा उन्हे भी दिया जा रहा है 
घाघ नेताओ के सामने नौकरशाह चित है ,आम्रपाली योजना से कोयले की ढ़ुलाई होकर बडकाकाना आ रहा है १०३ किलोमीटर जबकि वहां मात्र २७ किलोमीटर पर स्टेसन है पर अडानी ग्रुप को फायदा पहुचाना है सो जगह बदल दिया गया क्या लगता है कोल इंडिया का पैसा है सारे नेता अपने है मंत्री हिस्सेदार है तब डर काहे का ?
झारखण्ड में ९ साल तक बीजेपी का शाषण रहा। खूब लूट हुयी इन सालो में। नेता के साथ अधिकारी भी डुबकी मरते रहे। नेताओ की चरणबन्दना  करने वाले भाजपाई अधिकारी बाद में नेतागीरी करने के लिए नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल होते रहे। मोदी जी की राजनीती देखकर लगा की अब उनकी राजनीती जाएगी। लेकिन अब जब टिकट का बटवारा हुआ तो कई  नौकरशाह को टिकट  मिला।कुछ के आस निरास हो गए , बड़े अरमान से पूर्व आई ए एस मुख्त्यार सिंह ,विमल कीर्ति सिंह ,और पूर्व आई जी लक्समन सिंह ,अमिताभ चौधरी ,शीतल उड़ाव ,नंदू प्रसाद और मनोज मिश्रा बीजेपी में शामिल हुए थे और टिकट की आस लगाये थे। लेकिन घाघ नेताओ ने टिकट नहीं दिया। अब बेचारे लोग आंसू बहा रहे है। कहते फिर रहे है की जात भी गवाए और भात भी नहीं मिला। नौकरी भी गयी। आप ही बताये ये भाई लोग क्या करे।


झारखण्ड के चीर -हरण की तईयारी

Posted by Tahalka.In|Online News Channel | | Posted in , ,

                             झारखण्ड के चीर -हरण की तईयारी 

                            लूट लो झारखण्ड पार्ट १ 
टी पी सिंह तहलका 

झारखण्ड को बेचने  तईयारी चल रही है -गडकरी,शाह ,नथवाणी अर्जुन ,रघुबर ,सुदेस ,चंद्रप्रकाश सभी का सिंडिकेट है जो इस मामले में शामिल है ,इसी  कारन आजसू -भाजपा गठंबंधन हुवा है। असल में कोयले के ३२ ब्लॉक जो झारखण्ड में बिकने है उसकी तईयारी चल रही है अडानी से लेकर गडकरी तक इस मामले में शामिल है ,इसकी सुरुवात भाजपा शासनकाल में हो गयी थी जब अर्जुन मुख्यमंत्री थे ,इस काम में योगेन्द्र साव सबसे बड़ा रोड़ा थे सो उन्हें रास्ते से हटा दिया गया ,योगेन्द्र साव को जेल भेजने में केंद्र सरकार के गडकरी  लेकर मोदी तक  भूमिका निभायी और करोडो का खेल हुवा ,कप्तान मनोज कौशिक सिर्फ एक मोहरा थे ,इसीलिए उन्होंने आजतक कुछ नहीं कहा जबकि पूरी रामायण ख़त्म हो गयी। हां आगे यह नीति थी  सरकार बनाकर ये नुमाईन्दे कोयले की काली कमाई का खेल करेंगे इसमें नक्सली संगठन टी पी सी इनके साथ होगा अब तो टी पी सी का निर्माण करवाने में अहम भूमिका निभानेवाले बी डी राम इनके कुनबे में सिपाही बनकर खड़े है ,इसीलिए सिमरिया से गणेश गंझू ,लातेहार से नारायण गंझू को इनलोगो ने भाजपा से टिकट के लिए  अस्वस्त कर दिया था ,लेकिन ऐन वख्त पर मोदी जी ने गणेश का  नाम काट दिया की यह नक्सली है और नारायण गंझू टिकट मिलने के बाद ४ नवम्बर की रात्री में लातेहार में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी की कुंडली योगेन्द्र साव के पास है इसलिए उसे जेल भीतर भेज दिया गया है ,नक्सली संगठन का निर्माण  अलावे योगेन्द्र ने जो भी लूट लेवी रंगदारी का  काम किया है वह सभी नेता कर रहे है ,राजेंद्र सिंह  हद भी लाँघ चुके है ,और नक्सली संगठन बनवाने में तो बी डी राम   पर भी कार्यवाही बनती है पर ऐसा नहीं हुवा क्यों ?टी पी सी के इस मंशा को योगेन्द्र साव ने लिखकर भी दिया है। योगेन्द्र साव को पकड़वाने में दो बड़े आई पी एस अधिकारिओ की भूमिका है जो अमित शाह से लेकर गडकरी के संपर्क में है ,और इन्हे कार्पोरेट सेक्टर से दो करोड़ रु भी पेड़ करवाया है। इन सभी को भाजपा या झारखण्ड के विकास की कोई चिंता  नहीं है इन्हे चिंता है कार्पोरेट लूट की। अर्जुन मुंडा कभी नहीं चाहते है की भाजपा को ३५ से ज्यादा सीट आये वरना फिर कोई दूसरा विधायक  मुख्य मंत्री बन जायेगा ,,और तोड़ -जोड़ की जहा बात हुई वहां अर्जुन  अलावे कोई धनुर्धर सफल नहीं हो पायेगा। इसी कारण माधव लाल ,राजा पिटर ,दुलाल भुईया जैसे श्योर शार्ट सीट को भी इन लोगो ने एक तरह से बेच दिया। इनकी मंशा तो यही है पर दुःख इस बात की है की अमित शाह इनके इस खेल में शामिल हो गए है। गडकरी और नथवाणी तो मानले की पहले से ही कार्पोरेट सेक्टर के वो है ,,,वो मतलब ,,,,,. . अगर मोदी जी इनकी मंशा को नहीं रोक पाये तो एक बार फिर से झारखण्ड के जबरदस्त लूट की कहानी सार्थक हो जाएगी। जय श्री राम
नरेन्द्र मोदी जी ने झारखण्ड को लुटना शुरू कर दिए हैं,टंडवा प्रखंड से खुदाई शुरू कर कोयला लुटना जारी है टंडवा हजारीबाग रोड में अडानी के बडे बडे हाईवा से कोयले की लूट जारी है,कोई इसका विरोध वहीं करे इसलिये टीपीसी का खौफ बनाने के लिये लुट का कुछ हिस्सा उन्हे भी !
घाघ नेताओ के सामने नौकरशाह चित
झारखण्ड में ९ साल तक बीजेपी का शाषण रहा। खूब लूट हुयी इन सालो में। नेता के साथ अधिकारी भी डुबकी मारते रहे। नेताओ की चरणबन्दना  करने वाले भाजपाई अधिकारी बाद में नेतागीरी करने के लिए नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल होते रहे। मोदी जी की राजनीती देखकर लगा की अब उनकी राजनीती जाएगी। लेकिन अब जब टिकट का बटवारा हुआ तो एक नौकरशाह को छोड़ किसी को टिकट नहीं मिला। बड़े अरमान से पूर्व आई ए एस मुख्त्यार सिंह ,विमल कीर्ति सिंह ,और पूर्व आई जी  ,अमिताभ चौधरी ,शीतल उड़ाव ,नंदू प्रसाद और मनोज मिश्रा बीजेपी में शामिल हुए थे और टिकट की आस लगाये थे। लेकिन घाघ नेताओ ने टिकट नहीं दिया। अब बेचारे लोग आंसू बहा रहे है। कहते फिर रहे है की जात भी गवाए और भात भी नहीं मिला। नौकरी भी गयी। आप ही बताये ये भाई लोग क्या करे। 
    वाह रे झारखण्ड का राजनितिक खेल अर्जुन -रघुबर -राजेंद्र- परिमल नथवाणी  सबने मिलकर ना सिर्फ टिकट बेचे बल्कि पार्टी की आबरू अस्मिता और स्टेटस भी  बेच दिया,बड़ा खेल हुवा लम्बा सौदा हुवा ,आजसू के साथ। सुदेश ने अपनी सीट बचाने के लिए तिलेस्वर के लाश को बेच दिया ,,अपना भ्रस्टाचार को छुपाने के लिए अपनी पार्टी के कई नेताओ की बलि चढ़ा दी जो पिछले ५ साल से पार्टी के जड़ को सींच रहे थे। दूसरी तरफ अमित शाह -नरेंद्र मोदी की बड़ी बड़ी बात की जा रही थी पर इनकी हवा अर्जुन मुंडा ने निकाल दी जिसको चाहा टिकट दिला दिया ,जिससे चाहा एलायंस करावा दिया ,कल सीट काम होने पर यही आजसू ब्लैक मेल करेगा ,फिर अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत करेगा जिनके जुगल जोड़ी के भ्रस्टाचार की कहानी जग ज़ाहिर है। अब सरकार ही जब ब्लैक मेल होगी तो इनपर कार्यवाही कैसे हो सकता है ? महाराष्ट्र में शिव सेना से परहेज़ करनेवाली पार्टी यहाँ आजसू के भ्रस्टाचार को अपने साथ लेकर चल रही है क्या इसमें अमित शाह जैसे तथाकथित  खिलाडी भी राजनितिक मंडी  बिकते दिखाई नहीं दे रहे है ? अमित महतो सिल्ली ,,राजा पीटर तमाड़ ,,समरेश सिंह बोकारो ,, ,,जैसे सीट को भी अर्जुन ने बेच दिया ,जिनकी जीत तय मानी  जा  रही है ,लेकिन ये अर्जुन के पिछलग्गू नहीं बनेंगे इसलिए इन्हे रास्ते से हटा दिया गया ,और केंद्रीय नेतृत्व ने इनके गलत इरादे  माफ़ इसलिए कर दिया क्युकी उन्हें मोटा माल मिल गया -चुप्पी साधने के  लिए। बड़कागांव जैसे सीट भी भाजपा की झोली में दिखाई दे रहे थे पर इनका भी सौदा हो गया ,कहा जा  रहा था की  संघ की चलेगी और संघ गलत नहीं करने देगा ,संघ नही बिकेगा। पर यहाँ संघ इस मामले में बिका भी और गलत करने की इजाजत भी दी। यानी झारखण्ड में सबकी ओकात भ्रस्ट हो जाती है। आजसू के साथ गठबंधन से फायदा सिर्फ आजसू को है भाजपा को नहीं क्युकी आजसू के मज़बूत दावेदार हर जगह से चुनाव लड़ेंगे ,बागी के रूप में, इसलिए फायदा  होने का सवाल ही नहीं  है,,बल्कि पार्टी  कार्यकर्ता उन बगिओ को मदद भी करेगा। दिखाने के लिए बागी को पार्टी से निकाल दिया जायेगा ,,बाद में ले लिया जायेगा ,अपनी खेती है ,किसी केंद्र के नेता से परमिसन लेने की जरुरत नहीं ना।


सी आई डी रिपोर्ट भी बदल सकती है झारखण्ड में

Posted by Tahalka.In|Online News Channel | | Posted in , , , ,

        सी आई डी  रिपोर्ट भी बदल सकती है झारखण्ड में 
                                लड़की का पता नहीं बलात्कार का केस दर्ज़ 
                                      ADG पर रिपोर्ट बदलवाने का दबाव 

तहलका डेस्क ( रांची )
जी हां जनाब झारखण्ड में सं कुछ होता है ,यहाँ जब पुलिस ज्यादती करती है तो उसे ख़त्म करने के लिए सी आई डी को अनुसंधान का जिम्मा सौपा जाता है ,वह जब सही जाँच करती है तो उसे रिपोर्ट बदलने का दबाव डाला जाता है ,क्युकी जो पोलिस पदाधिकारी इस आफत के परकाले में आता है वह राज्य के डी ज़ी का दाया हाथ है सो ए डी ज़ी सी आई डी पर दबाव है की फ़ौरन से पेस्तर  रिपोर्ट बदलवाए।
      मामला झारखण्ड के रामगढ ज़िले से जुड़ा है ,वह भी गुरूजी के सबसे नज़दीकी आदमी गौरांग राय से जुड़ा है जो होटल के मालिक है। गौरांग पर रामगढ थाने में ३३९/०९   दर्ज़ है जिसमे इनके ऊपर पूजा नामकी लड़की के साथ बलात्कार का केस दर्ज़ है। केस पूजा के पिता सुरेन्द्र प्रसाद पटना निवासी ने दर्ज़ करायी है। सुरेन्द्र प्रसाद के बारे में जब सी आई डी ने जांच किया तो पाया की पूजा नामकी उनकी कोई बेटी है ही नहीं। असल में होटल व्यू एंड विसं में उस दिन जो लड़की सुरेन्द्र के साथ ठहरी थी बेटी बनकर वह एक काल गर्ल थी। सुरेन्द्र प्रसाद एक दबंग आदमी है सो जब होटल में लड़की के साथ उन्हें आपत्तिजनक मुद्रा में पकड़ा गया और मार पीट भी की गयी तो उसका बदला लेने के लिए उनने थानेदार को पटाकर उल्टा केस दर्ज़ करा दिया की होटल मालिक और उसके बेटो ने बलात्कार किया है। सभी जेल चले गए। तत्कालीन थाना प्रभारी विजय कुमार अभी DSP बन गए है और डी ज़ी पी राजीव कुमार के खासमखास है गुप्त से गुप्त कार्य इनके जिम्मे है। अगर CID की रिपोर्ट पर कार्यवाही होती है तो DSP साहब की छुट्टी हो जाएगी सो मामला पलटने की तईयारी है। अशोक तिर्की DSP ने अपने ज्ञापांक २८५/०५. ०३. १४ को जमा कर दिया है अपने ज्ञापांक ०९/१४  (२५। ०५। १४ ) के जरिये। इसके साथ ही इन्स्पेक्टर एन एन दास ने भी अपनी जांच रिपोर्ट सौपी है। विजय असल में दबग पुलिस पदाधिकारी बन चुके है। लाखो करोडो नहीं अरबो में खेलनेवाले -रामगढ रांची से लेकर जमशेदपुर तक इनका कुनबा फैला हुवा है जो ज़मीन के बड़े बड़े कारोबार करता है।
  गौरांग राय की पत्नी पार्वती राय के आवेदन पर मुख्य मंत्री ने CID को जांच का ज़िम्मा दिया और जब परत खुलने लगे तो मामला फिल्मी हो गया। अब विजय कुमार ADG  पर दबाव दाल रहे है की जांच की रिपोर्ट बदल जाये। ताकि उन्हें बचाया जा सके।
    गौरांग राय शिबू सोरेन के करीबी रहे है उनके साथ जब ऐसा हो रहा है तब आम जनता के साथ क्या होगा सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
    सनद रहे की दिसंबर २०१३ में तहलका ने इस बाबत एक रिपोर्ट छापी थी। और उसके बाद ही CID  जांच की अनुसंसा  की गयी थी।


हॉवर्ड का डिग्रीधारी भारत में फिसड्डी

Posted by Tahalka.In|Online News Channel | | Posted in , , ,

           हॉवर्ड का डिग्रीधारी  भारत में फिसड्डी 


उमेश ओझा ( रांची ) तहलका डेस्क 
झारखण्ड के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन ने हज़ारीबाग़ सांसद जयंत सिन्हा को आड़े हाथो लेते हुवे उरिमारी में १० अक्टूबर को   कहा की बाहरी आदमी ललबबुवा को सांसद बनाया तो क्या चाहते हो ? जिसको १० गाव ,१० पंचायत का नाम नहीं पता है ,लोगो से मिलने के बाद डेटोल पानी से हाथ धोता है ,जिसको खतियान ,खाता और रसीद की जानकारी नहीं है ,कुँवा का पानी पिला दो तो बीमार हो जायेगा। 
        इस बक्तब्य पर जयंत सिन्हा ने तीखी और तल्ख़ टिपण्णी करते हुवे बड़का गाव में १२ अक्टूबर को  कहा की मै झारखंडी हु मेरा जन्म हज़ारीबाग़ में हुवा है ,हेमंत अपनी सोचे हमलोग देश दुनिया के बजट बनाते है छोटी बातो  ध्यान नहीं देते है। हेमंत अपने कार्यो की तरफ देखे जो उनसे नहीं हो रहा है। 
जयंत सिन्हा हज़ारीबाग़ के सांसद ,सबसे पढ़े लिखे नेता ,हेमंत सोरेन के सवाल का जवाब देते इतने आग बबूला हो गए की पढ़ाई लिखाई भी भूल गए। हेमंत ने कहा जयंत १० पंचायतो के नाम नहीं जानते सही बात है ,उरिमारी हेमंत की सभा के सवाल का जवाब देते हुवे बड़का गाव में जयंत ने कहा की हम झारखण्ड के ५ हज़ार पंचायतो का नाम बता सकते है।और मोबाइल दिखाते हुवे कहा की झारखण्ड के ५ हज़ार पंचायत अपनी मुट्ठी में रखते है।  जबकि इतने पंचायत  झारखण्ड में  है भी नहीं ,कहा से लायेंगे जयंत  ??  आंकड़ा इस प्रकार है  - झारखण्ड में कुल पंचायत =४५६२,,गाव =३२६२० ,,प्रखंड =२६० ,,अनुमंडल =३८,,जिला =२४ ,,प्रमंडल =५ ,,आबादी =३२९८८१३४ ,,     भला बताईये   हॉवर्ड विस्व विद्यालय के प्रबंधन के मास्टर को इतनी जानकारी नहीं की उसके राज्य में कितने ज़िले गाव और पंचायत है ?विस्वविद्यालय भी शर्मा जायेगा जयंत की  इस बुद्धि पर। जयंत ने हेमंत को ललकारा है की किसी मंच पर बहस कर ले  ,पर क्या इन्ही झूठे आंकड़ों पर जयंत बहस कर अपने पिताजी यशवंत सिन्हा  का नाम भी डुबाएंगे ?जिनके सामने झारखण्ड का कोई नेता बहस करने में डर महसूस करता है। तहलका ने इस बाबत कई झारखंडी नेताओ से फोन पर प्रतिक्रिया जाननी चाही तो अनुभव बड़ा खराब रहा जिसे हम हूबहू नहीं छाप सकते है।हेमंत ने सुलझे भासा का इस्तेमाल करते हुवे कहा की मैंने जो कहा वह बहस का विसय ना बने आपलोग स्वयं उनसे पूछे की क्या वे १० पंचायतो का नाम जानते है ? सही न लगे तो अपने पंचायत का नाम बता दे। जो आदमी अपने पंचायत का नाम नहीं बता सकता वह अपने छेत्र ,अपने ज़िले को कितना जान सकता है वह आप भी जानते है। हमें बताने की जरुरत नहीं है। एक नेता जिसका नाम हम नहीं छाप रहे है उन्होंने दावे के साथ कहा की जयंत का एडमिसन हॉवर्ड में डोनेसन से हुवा था ,बाद में वह से आये तो अपने पिताजी के यु टी आई घोटाले में उनका साथ दिया।  जयंत सिन्हा के भासन और जनता के बीच उनकी छवि को देखकर यह साफ हो जाता है की उन्हें अनुकम्पा के आधार पर सांसद की कुर्सी मिली जिसमे मोदी का भी देन सम्मिलित है। पर उनकी बौद्धिक छमता में इतनी गिरावट क्यों है जिसमे वे सामनेवाले की छमता विद्वता और अपना अनुभव भी भूल जाते हो ? क्या हॉवर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई में कोई खोट है ?कही पूंजीपतिओ को सम्बोधित करते हुवे कहते है की आप पैसे में न बीके ,,कही शिछाविदो को सम्बोधित करते कह देते है की आप पॉलिटिकल एजेंडा में भाग ले।  
        अब  आकलन करके देखए -दोनों का वक्तब्य सही है ,दोनों का दोसरोपण भी १०० % सही है ,दोनों ने अपने -अपने दिमाग से एक दूसरे को अलंकार दिया वह कही से गलत नहीं है। दोनों ललबबुवा है दोनों बाप का हर ( हल ) जोत रहे है ,दोनों किस्मत के धनि है। दोनों राजनीती में छोटे परिंदे है ,दोनों पत्नी  डरते है ,दोनों पैसे  भूखे है ,दोनों बड़बोले है -करनी में शून्य ,दोनों बात के धनि है ,दोनों पूंजीपतिओ को ज्यादा महत्व देते है ,
video

    

जाने अपना राशिफल