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हालत की हड़ताल और पड़ताल -भाजपा का बुरा हाल

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         चुनाव में हालत की हड़ताल और पड़ताल 

                       भाजपा का बुरा हाल 

उमेश ओझा रांची डेस्क 
नगर निकाय चुनाव में सरकार द्वारा थोपे गए टैक्स और अक्खडपन को लेकर जनता नाराज़ है हर तरफ चर्चा है की रघुबर सरकार ने आम आदमी का जीना हराम कर दिया है लिहाज़ा चुनाव में वह बाते भी सामने आने लगी है जो नहीं आणि चाहिए भाजपा के कट्टर लोग भी भाजपा को वोट देने से मना करने लगे है क्युकी सरकार की जन विरोधी नीतिया लोगो को नासूर की तरह चुभने लगी है ,वही सरकार के बड़े ओहदों पर बैठे मंत्री अधिकारी और उनके परिवार के लोग जिस तरह से पूरे राज्य में हावी है उसको लेकर हर तरफ चर्चा है की लूटने में लगी है सरकार ,राजद की महिला नेत्री और प्रदेश अध्यछ अन्नपूर्ण देवी ने उत्तरी छोटानागपुर के शहरी क्षेत्रों का भ्रमण के बाद कही की सभी जिलो में भाजपा की हालत पतली है भले ही हर ज़गह पर अलग अलग पार्टियो को फायदा मिलने के असार है क्युकी विपक्ष ने साझा उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है फिर भी हर जगह भाजपा मुह की खाने के कगार पर है ,सरकार का दारु व्यापार और उसमे घाटा राजस्व की हानि से लेकर कई मामले में सरकार खुद कठघरे में है टैक्स का मामला तो मानो सरकार का फेल होना साबीत करता है हजारीबाग में तो इन्हें उम्मीदवार तक नहीं मिला इसलिए इन्होने कांग्रेसी परिवार से एक महिला को उठाकर खड़ा करावा दिया जो जीत के दावे तो कर रही है पर जीतना मुस्कील नहीं नामुमकीन है .चतरा कोडरमा गिरिडीह बोकारो रामगढ में भी भाजपा की हालत पतली है हर जगह टैक्स और सरकार की रंगदारी का मामला तूल पकडे हुवे है
  

मंत्री जयंत को गुस्सा क्यों आया ?

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मंत्री जयंत को गुस्सा क्यों आया ?
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उमेश ओझा रांची तहलका डेस्क 
भारत सरकार के एकलौते झारखंडी मंत्री जयंत सिन्हा 8 अप्रैल को हजारीबाग के एक चुनाव कार्यालय में गुस्से से आग बबूला हो गए .लोग  समझ नहीं पा रहे थे की शांत और मुस्कुराकर जवाब देनेवाले मंत्री आज एकाएक पत्रकारों पर भड़क क्यों गए ? असल में मामला भ्रस्ताचार पर था क्युकी भाजपा द्वारा जारी किये गए घोशानापत्र में भ्रस्ताचार 17 वे नंबर पर था और मंत्री तथा विधायक भ्रस्ताचार पर कार्य करने उसे जड़ से उखाड़ कर फेकने की बात कररहे थे इसीपर सवाल किया गया कि पिछले सत्र में आपकी महापौर थी जिसने भ्रस्ताचार में निगम को आकंठ डूबा दिया लेकिन आपने क्या किया उसको रोकने के लिए ? इसपर जयंत सिन्हा तमतमा गए अपनी हाथ पटकने लगे कहा हमें दीजिये भ्रस्ताचार के दस्तावेजी सबूत मै उसपर काम करूँगा ,पत्रकार का सीधा सवाल था अभी निगम में 8 जांच चल रहे है कई कार्यवाही भी हुई है लेकिन सांसद विधायक इस विषय पर कुछ भी नहीं बोल पाए क्युकी इनके भ्रस्ताचार रोकने की दिशा में दूर दूर तक कोई प्रयास नहीं है ना ही इस दिशा में आगे कदम उठाना चाहते है 




 एक पत्रकार ने दिया सन्देश :-
सांसद महोदय ,
भ्रस्टाचार के एक मुद्दे में मैंने DC हज़ारीबाग को 246 पेज का आवेदन दिया है ,आपने कहा दस्तावेज़ी प्रमाण दे ,कार्य करूंगा, हमसे कागज़ात लेने में दिक्कत लगता है तो उपायुक्त से ले सकते है ,मामला बहुत बड़े मिशनरी द्वारा घोटाले का है ।थोड़ा हिम्मत दिखाइये ।झारखंड के इतिहास का सबसे बड़ा आवेदन है यह । 

टी पी सिंह  वरिष्ठ पत्रकार 
( तो क्या मंत्री जयंत सिन्हा मिशनरी के इस बड़े घोटाले और भ्रस्ताचार पर कुछ कार्यवाही करने बोलने आदेश देने की हिम्मत दिखा पाएंगे ?)




उसी पत्रकार ने आगे जयंत सिन्हा जी की आज की शैली को अपने फेसबुक वाल पर लिखा है की आपके संसदीय क्षेत्र में कोयला तस्करी और ज़मीन की माफियागिरी सबसे बड़ी समस्या है जिसे बीस साल में मंत्री जी के पिताजी ने नहीं उठाया और आज वे भी शायद इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाते है कि उठा सके ,असल में ज़मीन का घोटाला हजारीबाग में 50 हज़ार करोड़ का है ,वही इनके संसदीय क्षेत्र में रोज दस लाख रु लाल टोपी वाले सिपाही सडको पर डंडा पटककर कोयले की बोरी से वसूल लेते है ,दरोगा SP और उपरी अधिकारी के कमाई का अंदाजा लगा पाना मुस्कील है ,इसे सांसद संसद में उठा सकते थे पर उनकी चुप्पी कई अंदेशो को जन्म देने का काम कर रही है .

कही भ्रस्टाचार है तो मुझे बताए-जयंत सिन्हा 
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भ्रस्टाचार के प्रश्न पर आज हमारे माननीय सांसद प्रेस कांफ्रेंस में आग बबूला हो गए ? कहा है भ्रस्टाचार मुझे बताए मै खत्म कारुंगा ।मैंने कहा स्मरण करें मैंने तीन साल पहले आपको लेटर दिया था क्या हुआ उसका ?निगम के भ्रस्टाचार पर भी नही बोल सके ।और माननीय मंत्रीजी हज़ारीबाग में ज़मीनों का ।मुद्दा पूरे राज्य में एक नम्बर पर है उसपर ध्यान क्यों नही देते ? क्या माफिया अपने है ? कोयला तस्करी आपके संसदीय क्षेत्र का सबसे अहम मुद्दा है क्या आप संसद में कभी उठाये?आपके वालिद ने जब नही उठाया उतने बोल्ड नेता ने तो आप क्या उठाएंगे ।नगर निगम में भ्रस्टाचार सर चढ़कर बोलता रहा पर कभी भी उसे संज्ञान में नही लिया ।जो जांच चल रहे है उसपर सांसद विधायक कोई नही बोल सके ।विनोबा में भ्रस्टाचार सर चढ़कर बोल रहा है ,लॉ कॉलेज में दस्तावेज़ी प्रमाण के साथ भ्रस्टाचार है पर सबकी जुबाँ खामोश है ।सच तो ये है कि भ्रस्टाचार का विरोध या उसका खात्मा इनके एजेंडे में ही नही है ।दम ठोककर बोले एक सौ बड़े मुद्दे दूंगा पर काम हो तो ,फोटो खिंचवाने के लिए नही ।

आत्म दाह करने की राह पर हजारीबाग के किसान

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         आत्म दाह करने की राह पर हजारीबाग के किसान 

झारखण्ड राज्य ऐसे ही एक से एक कारनामो के लिए प्रसिद्द है ,ऐसे ही एक वाकया आज देखने को मिला जब हजारीबाग के मोरंगी में वनकर्मियो ने किसानो द्वारा बनाये गए बांध को काटकर पानी बहा डाला ,केवल इसलिए की उन्हें रिश्वत का पैसा नहीं मिला ,और एक दो नहीं 18 बांध ,200 एकड़ ज़मीन टमाटर लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है और पानी बहा दिया गया ,किसानो ने सुदपर ,बैंक से महाजन से क़र्ज़ लेकर खेत तईयार किया 2 लाख रु प्रति किलो की दर  से  टमाटर का बिज़ लेकर बिचड़ा तैयार किया ,पैसे खर्चकर बांध बनाया और रिश्वत की बलि बेदी पर वनकर्मियो ने चढ़ा दिया ,किसानो का यही मोल है झारखण्ड में ,इस बात से किसान परेसान हो गए और मुखिया के साथ वन विभाग पहुचे वहा स्थानीय विधायक भी आया और अधिकारिओ से बात की सबको लगा की यह गलत कार्य हुवा है ,फिर आनन फानन में वन विभाग ने JCB भेजा बांध बांधने के लिए लेकिन 18 में से सिर्फ दो जगहों पर ही पानी बचा है बाकी पानी बह गया ऐसे में कोणार नदी से पानी निकलना संभव नहीं है ,अगर सरकार ने मदद नहीं किया वन बिभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की तो किसान आत्म दाह करने के मूड में है क्युकी उनके पास कोई विकल्प नहीं है .
इस मामले में सबसे बड़ी भूमिका एक पत्रकार ने निभाई है उसने सभी किसानो से 15 हज़ार रु प्रति किसान माँगा था किसानो ने उसे 25 हज़ार रु दिए भी बाकी पैसे नहीं मिलने के कारण उसने वनकर्मियो को साथ मिलकर यह खेल खेला .




चोर अपना आईपीएस बेगाना ( कोयला चोरी कथा )

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  रामगढ़ में कोयला चोरों पर सरकार मेहरबान ।                 ईमानदार अधिकारी पर गिरी गाज
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IPS SDPO रामगढ़ श्रीकांत सुरेश खोत्रे ।एकदम कड़क ।सुनी सड़क ,तड़क-भड़क IPS ,लेकिन इनके ऊपर कप्तान से लेकर DGP तक ख़फ़ा है क्योंकि इन्होंने उनके टेबल मनी पर प्रहार किया है ।पहले तो इन्होंने जब कोयला तस्करों पर कारवायी शुरू की तो इन्हें पतरातू भेज दिया गया वहाँ भी इनकी ईमानदारी से कोयला तस्करों थानेदारों में हड़कंप मचा तो नई पुलिस कप्तान ने DGP से गुहार लगाई ।साहब ने इनको दी गयी गाड़ी (स्कार्पियो)ओर इनके साथ ढ़ी गयी पुलिस फोर्स वापस ले लिया ।कहा गया कि तुम्हे क्राइम कंट्रोल के लिये भेजा गया है कोयला चोरी कंट्रोल के लिये नही ।सनद रहे कि रामगढ़ में 200 केवल चिमनी भट्टा है जिसके पैसे सलामी में कप्तान से होते राज्य के आलाधिकारियों तक जाते है ।अब जिसके लिये पैसे ले लिया उसका काम नही करे यह तो नाइंसाफी है न ,सो dgp साहब ने अपना फर्ज़ निभाया ।साथ ही मैडम कप्तान की कार्यशैली का भी अंदाजा लग गया कि ये बेचारे तस्करों को अपना बनाकर रखेंगी क्योंकि वे अधिकारी से लेकर सरकार तक का ख्याल रखते है ।भला यहा का मन्तरिये यही राशि का है तो ।रामगढ़ DFO खुलकर कोयला तस्करों का साथ दे रहा है अपनी सीमा से बाहर जाकर ।
खोत्रे के कार्य पर रोक नही लगाया गया यह सरकार और पुलिस विभाग के कार्यशैली का मूल्यांकन है ।साथ ही पुलिस की महिला कप्तान का जन्म कुंडली है ।जो कप्तान एक दरोगा एक थानेदार को ठीक नही कर सकती है ज़िला किस तरह चलाएगी समझ लीजिये ।यानी जिला उसे उसी थानेदार के अनुसार चलाना है ।मांडू के थानेदार जिनकी करतुते परवान पर थी अब उन्हें मां रजरप्पा के चरणों मे कोयला चोरी करवाना है ।रोक नही लगाना है ।


भाजपा सांसद का हिन्दू PR ठीक करने आ रहे है शंकराचार्य

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भाजपा सांसद का हिन्दू  PR ठीक करने आ रहे है शंकराचार्य 
क्या शंकराचार्य को राजनेता के आवास में ठहरना उचित है?
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जगतगुरु शंकराचार्य हज़ारीबाग आ रहे है 18 फरवरी से 20 फरवरी तक हजारीबाग के सांसद और भारत सरकार के मंत्री जयंत सिन्हा के आवास पर रहेंगे प्रवचन करेंगे प्रसाद बाटेंगे ,लोगो को प्रभावीत करेंगे जयंत सिन्हा का प्रचार होगा अपरोछ रूप से ,क्युकी हजारीबाग के सांसद से यहाँ के हिन्दू संगठन सहीत जनता नाराज़ चल रही है , क्या शंकराचार्य को  किसीं राजनेता के घर मे प्रवास करना चाहिए ?वे हिन्दू धर्म के सबसे पूजनीय व्यक्ति है ।राजनीति से उनका सरोकार नही के बराबर होना चाहिये पर यहाँ सांसद मंत्री के घर उनका प्रवास 3 दिनों का फिक्स किया गया है ।राजनीति और धर्म के इसी घालमेल ने हिन्दू  धर्म मे विसंगतियां पैदा किया है ।हजारीबाग बड़ा अखाडा के महंत विजयानंद दास कहते है कि इनको बड़ा अखाड़ा में रुकना चाहिए क्युकी सबसे शुभ यही है और यहाँ से किसी राजनीती की बात नहीं आयेगी .
    पर महंत जी की बातपर शंकराचार्य क्यों आयें इन्हें तो वातानुकुलीत आवास में रहना है बड़े उपहार मनुहार लेना है बड़ा दक्षिना लेना है तो बड़े लोगो के आवास में रहेंगे उनका नमक खायेंगे और उनका गुणगान करेंगे ,प्रचार भी करेंगे राजनीती उसमे आयेगी ही .यानि एक तरह से यह उनका हजारीबाग में राजनितिक प्रवास है .

धान खरीद घोटाला

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                धान खरीद घोटाला 
झारखण्ड की राज्य सरकार के खोखले दावे और दलालों के बुलंद हौसलों के बिच धान की अवैध खरीद बिक्री हो रही है . सरकार ने किसानो के हित में समर्थन मूल्य की घोषणा तो कर दी है पर उसपे अमल नहीं हो पाता  है क्युकी सरकार के पैक्स द्वारा लिए गए धान का मूल्य ही नहीं मिल पाता है ,या फिर पैसे के लिए उसको सालों दौड़ाया जाता है लिहाज़ा वह ओउने पौने दाम में दलालों के यहाँ अपने उत्पाद बेचने को विवस हो जाता है ,यही कहानी  अभी पूरे झारखण्ड में चल रही है और सरकार के अधिकारी और कर्मचारी ऑफिस में बैठे जुगाली करने में मशगुल है , 

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