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ड्रेस गोरखधंधे में डी ए वी भी शामिल हुवा क्या ?

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   ड्रेस गोरखधंधे में डी ए वी भी शामिल हुवा क्या ?
उमेश ओझा  तहलका डेस्क रांची ,
मिस्नरिओ के  सिच्छा  अधिपत्य को करारा जवाब देकर एक नयी सिछण संस्कृति को भारत भूमि में अधिष्ठापित करनेवाला सिछण  संस्थान डी ए वी भी आम स्कूलों के मानिंद छोटे मोटे घोटाले का शिकार हो जायेगा -विस्वास नहीं होता है। पर हकीकत की बानगीओ को आत्मसात करे तो मामले से थोड़ा पर्दा उठता है। झारखण्ड में दो साल पहले सरस्वती विद्या मंदिर में भी ऐसी ही घटना ने दुखद संदेश समाज को दिया। इस बार दयानंद का यह संस्थान पुरे देस में एक साथ ड्रेस के बदलाव की मुहीम चलाकर बता दिया की हमारे यहाँ भी तीसमार लोगो की कमी नहीं है। ग्रोवर जैसे समाजसेवी के मेहनत से सींचे गए इस पौध पर ऐसे लालची भौरे मण्डराएंगे यह विस्वास नहीं होता है। ड्रेस कोड के बदलाव के लिए जो कपड़ो के सैम्पल सामने आये है उनमे मफतलाल का डिज़ाइन 3288 आया है जो अधिकृत मफतलाल के ड्रेस डिज़ाइन  से मेल नहीं खाता है,दूसरे कपडे की डिज़ाइन खटावु मिल की है खटावु मिल बंद हुवे १५ साल से ज्यादा हो गए है। तीसरे शर्ट के कपडे में शैलवेज़ नहीं डाला जाता है शैलवेज़ कोई अपना डलवाता है यानि किसी आदमी ने ऑर्डर देकर यह कपड़ा बनवाया है ताकि मन माफिक रेट तय किया जा सके।ग्वालियर शूटिंग का जिक्र भी है पर ग्वालियर शूटिंग कोई ब्रांड नहीं है ,यह नाम कोई भी दे सकता है।  यानि कोई कपड़ा ब्रांडेड नहीं है ,पहले साल यह कपड़ा किसी भी दूकान ,मिल या डिस्टिब्युटर के यहाँ नही मिलेगा इसके बाद तो  सभी ऑर्डर देकर बनवा लेंगे ,लेकिन पहले साल में ही करोडो का खेला - मेला हो जायेगा। जो कपडे इस साल १०० रु मीटर मिलेंगे वह अगले साल २५  रु मीटर मिलेंगे। ज़ाहिर है की इस बार ही चार गुना पैसे वसूले जा सकेंगे। ड्रेस बेचनेवाले बताते है की ड्रेस बदल गया है अप्रैल से लागु होगा ,पर अभी ड्रेस मांगने पर कहते है -नहीं दे सकता ,क्युकी अभी दे दिया तो डिज़ाइन बनकर अप्रैल तक आ जायेगा ,इसलिए मामले को दबाकर रखा गया है। ड्रेस डिज़ाइन करनेवाली कंपनिया पांच हज़ार से ज्यादा डिज़ाइन बनाकर देश में सैम्पल भेज दिया है पर इन ब्रांडेड कम्पनिओं में से किसी से यह ड्रेस डिज़ाइन नहीं लिया जाना और किसी कंपनी के ड्रेस डिज़ाइन की चोरी कर सामने लाना क्या जताता है ??स्कुल के पुरे भारत में 720 स्कुल है और लगभग  २५ लाख छात्र है। अंदाज़ा लगाया जा सकता है की घोटाला कितने का होगा ?






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भोलुआ ,,,,,,,चिठी ,,,,,,,मुखमंतरी ,,,,,,का ,,,,,,,,,नाम ,,,,,,,,,


                                  ,,ज़रा ,,,,,एक ,,,,,नज़र ,,,,,,,देखो ,,,,,,,ना ,,,,,,,,,



आदरनिये मुखमंतरी रघुबर जी ,
                                                           वालेकुम परनाम। पहिला बार कोय रघुबर मुखमंतरी बना है से पब्लिक का मन में बड़ा खुसी है। आपका ऊपर उम्मीद और बिस्वास दुनो है से आपका माय कसम आप जनता के धोखा नाय दीजियेगा। अब आप मुखमंतरी बनाने का बाद बोले की कोयला चोरी नहीं होगा ,कोय नहीं करेगा लेकिन का ई बात संभव है ? कोयला चोरी तो आपका पुलिस कर रहा है और कोय सिपाही दरोगा नहीं बलिक पुलिस का मुखिया ही शामिल है ,बड़ा नाइंसाफी है और कुछ लोग तो मुखमंतरी का चौखट पर भी पहुंच रखता है और पैदा हुवा है  खाली कोयला चोरी करने का लिये। ऐसे आज ईगो पत्रकार का होटल में छापामारी किया गया जो कोयला चोर है वहा से चार जोड़ा लड़का लड़की के बरामद किया गया ई साबित कर रहा है की आपका बात का डर पुलिसवाला लोग में है ,इसलिए  कोयला से ध्यान बटाने का वास्ते ई गेम किया गया है। सबसे पहिले तो ई बात समझ लीजिये की कोयला चोरी तीन तरह से होता है ,पहिला चोरी जे डाइरेक्ट कोयला चोरी करके किया जाता है ,दूसरा चोरी कोयला कंपनी का कोयला टपाके किया जाता है ,लिफ्टर से लेके कांटा बाबू तक इसमें मिला हुवा रहता है ,तीसरा चोरी सब्सिडी का साथ धोखाघड़ी है ,कोयला के सब्सिडी मारने के लिए गेम होता है ८०० से जयादा कंपनी को सॉफ्ट कोक से लेके स्मोकलेस कॉल बनाने  वास्ते रियायती दर पर कोयला दिया जाता है इस कोयला को ई लोग डाइरेक्ट मार्किट में बेच देते है। कंपनी चालू है इसको दिखाने के लिए चिमनी से टायर जलाकर धुवा निकाला जाता है ,जेतना कंपनी है सबका दिवार इतना उचा होता है की जेल भी फेल है। अंदर का हो रहा है ई कोय नहीं जान सकता है। ई वाला चोरी सबसे बड़ा चोरी है इसको कैसे पकड़िएगा ? काहे की बहुत चालाक आदमी लोग कुदरा से लेके करमनसा तक में अपना कंपनी लगाया है ताकि वहा तक जाने में कोई रोक टॉक नहीं रहे। ई सब कंपनी अपना कोयला को रिडक्सन यानि अनयूस्ड  कॉल के नाम पर बेचते है। साथ ही चोरी के कोयले को भी यही पेपर देकर बेचा जाता है। बाद के दो कम्पनिओं से आपका सी आई डी से लेकर सी बी आई तक को पैसा मिलता है ,पहलेवाला डाइरेक्ट चोरी के धंधे से सी बी आई को छोड़कर सभी वर्ग को पैसा मिलता है सरकार तक जाता है आपका पास भी जायेगा ,ज़रूर जायेगा। अब बताईये की आपका विधायक से लेके मंत्री डी ज़ी पी तक को माल जाता है ,तब कैसे रोकिएगा इस धंधा को ? ऊपर से अब अडानी ,आडवाणी रिलायंस कोयला चोरी करने का वास्ते आ गया है इसको रोकने में आपका ताकत जवाब दे देगा।  कही आप ई आदेश अपना रेट बढ़ावे का वास्ते तो नहीं दे रहे है ? काहे की आजतक जेतना भी पुलिस ,मंत्री ,प्रसासन कड़ा रुख अपनाया वह ज्यादा पैसा लिया ,वर्तमान में रामगढ़ का डी सी ज्यादा प्याज खाया हल्ला हुवा ईमानदार डी सी ,,,उसका रेट बढ़ गया। अब आपका क्या विचार है से  जानिए हम तो एतना दिन में यही सब देख रहे है।
   विशेष फिर कभी आपका
                                                  भोलुआ उर्फ़ भोलानाथ
                                                                                       मासीपीढ़ी हज़ारीबाग़   
लोकल सेल की रंगदारी वसूली पर रोक लगावें मुख्य मंत्री जी----
बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल,गांधीनगर,बेरमो एवं चंद्रपुरा थाना क्षेत्रों में सीसीएल के लोकल सेलों में ट्रकों से वसूली जानेवाली रंगदारी की राशि तीन हजार रूपये पर मुख्यमंत्री रघुवर दास जी रोक लगावें। साथ ही इसकी जांच भी करवाई जाय कि रंगदारी की जो राशि वसूल की जा रही है उसका हिस्सा कहाँ-कहाँ जाता है क्योंकि यह एक ऐसा कारोबार है जिसे अप्रत्यक्ष रूप से कानूनी संरक्षण प्राप्त है---साथ ही लोकल सेलों से फैक्ट्री के नाम पर उठाया जानेवाला पीएलसी का कोयला बिहार एवं यूपी की मंडियों में कैसे जा रहा है इसकी भी जाँच होनी चाहिए---इसके लिए बरही एवं चौपारण में चेकनाका पर लगाम लगानी होगी और कोयला के ट्रकों की जाँच बारीकी से करनी होगी---तभी इस पर लगाम लगेगी ?

 

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भोलुआ   की   पाती ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,परधान  मंतरी  के नाम 

जरा ,,,,,,, एक ,,,,,,,,, नज़र,,,,,,,,, देखो,,,,,,,,,, ना 


 आदरनिये  परधान मंतरी मोदी जी ,
                                                 वालेकुम परनाम। झारखण्ड में खुशल मंगल नहीं है, आपका टीम आपका साथी संगी सभे ई राज के लुटे के वास्ते सियरफाँस लगाया है ,,आप भी उसको सहयोग किये है ,,चोर गुंडा लूटेरा ,बदनाम ,,बदमास के टिकट देके बोलते है की वोट दो ,हम सुधार देंगे ,,,अगर सुधारने का एतना कूबत है तब अच्छा आदमी का ज़रूरते नहीं रहेगा ,,झारखण्ड के  आदमी को आपलोग बुरबक ,,बकलोल ,,,और चोथू समझते है और आपका वु आलू जिसको आप काबिल और महाज्ञानी समझते है से लूटने का बड़का  फंडा बनाके सभेके धोखा दे रहा है। अब खाइये भाफल कद्दू। हो गया चुनाव सोलह सीट बचा है। हो गया खेती लटकल विधान सभा ,,,इसमें पेंडुलम जइसन लटकल रहिये ,जेतना अर्जुन ,,रघुबर ,,,,सौदान ,,,,,भूपेंदर ,,,राजेंदर ,,,सबके एकगो कुरसी  दे दीजिये जे लटकल रहेगा। केतना सरम के बात है मोदीजी की आपलोग इतना कसम खाते है और टिकट बेच  बेच दिए ,झारखण्ड का जनता आपलोग को माथा  पर बैठाया ,लोक सभा चुनाव में एतना इज्जत दिया उसको भी आपलोग दगा दे दिए। पहले तो घर के बेटिया को गुंडा से वियाह कर दिए ,,,सगाई सुदेश गुंडा से । उसी समय जनता भड़क गया। फिर एकगो टिकट बेच दिए ,,ऊपर से गुंडा मावली चोर को जिताने के लिए भासन दिए चल रहे है। जनता जान गया की आपलोग भी वही कोड़ा ,हरिनारायण ,,मुंडा ग्रुपवाला  आदमी  है से   बाहर का रास्ता देखा दिया ,नहीं तो अबरी आपलोग को साठ सीट मिलता। लेकिन आपका टीम कुभाखुर है ,,जोंक है ,,,,से  साग में नीमक के जगह चीनी डाल दिया।  अब का कीजियेगा - हम ईगो उपाय बताते है - झारखण्ड में ईगो अच्छा बढ़िया राजपाल दीजिये  और राष्ट्पति   शासन लगा दीजिये और एक साल तक यही शासन चले तब भला हो सकता है ,  हम तो कहते है की  सी आर पी ऍफ़ वाला विजय कुमार के राजपाल बना दीजिये ,और साथ में तीन गो ईमानदार सलाहकार दे दीजिये। नाय तो लुटेरा राजपाल दीजिये हर महीना  लूटके आपलोग के कुछ न कुछ देबे करेगा।  जइसन की आपलोग का मंतरी और अध्यछ लोग है। लूटिये लीजिये हमलोग  झारखण्ड का जेतना लोहा ,,कोयला ,अबरख ,,सोना ,उरेनियम  है सब जल्दी से जल्दी लूट लीजिये ,सब एक साथ ख़तम कर दीजिये ,,कम से कम लूटेरा लोग से जान तो छूटेगा  ,,जब आता है लुटने का फेराक में रहता है ,ई सब माया खत्म हो जायेगा तब हमलोग आराम से खेती बारी करेंगे  ,,आपभी गुजरात का गुणगान करते रहिये ,,ईगो किताब छपा लीजिये गुजरात महिमा ,,,,,,
  खैर  बड़ी कड़ा लिख दिए  पर सभे  बात एकदम निछुंना सच है। 
      आगे फिर  कभी  आपका
                              भोलुआ  उर्फ़ भोलानाथ  
                                                         ,मसीपीढ़ी  हज़ारीबाग़  
                                                                                         ८२५३०१ 

भोलुआ की पाती ,,,,,,,,,,चुनाव आयोग के नाम

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भोलुआ की पाती ,,,,,,,,,,चुनाव आयोग  के नाम 
                                                                   ज़रा एक नज़र देखो ना ,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आदरनिये कमिश्नर साहेब ,
                                      वालेकुम परनाम। आगे झारखण्ड का खुसल मंगल अच्छा है। हमारा बाल बच्चा छौवा चेंगा  गाय -गोरु सब आनंद है। लेकिन हियाँ पर वोटवा जे हो रहा है उसमे बड़ी मुस्किलिटी पैदा हो गया है। हिया परी  आचार संहिता का आचार बन रहा है और जे आपके जाजोदिया साहेब है से धकाधक माल पेल रहे है। कभी वोटर लिस्ट बनावे वाला से कभी वोटर कार्ड बनावे वाला से। अभी जे पेड़ न्यूज़ और विज्ञापन का मामला है उसमे भी धामधन धुक्कड़ उडा  के  माल का खेला कर रहे है। चुनाव का दिन भी न्यूज़ विज्ञापन छप  रहा है, आखिर आपलोग चुप काहे है कही आपलोग सब मिलके तो पेला- पेली नहीं खेल रहे है ? माय कसम हमको शक लगता है काहे की पैसा देनेवाला बड़ -बड़ुआ सब ओन्हे डिल्ली बॉम्बे से आया है। अब आपलोग टी एन सेसन साहब के आत्मा से बलात्कार कर रहे है। देखिये अभियो समय है अपना इज्जत बचा लीजिये नाय तो आपलोग को सोनागाछी में भी जगह नहीं मिलेगा। 
         आगे फिर कभी आपका
                                भोलुआ उर्फ़ भोलानाथ 
                                                            माँसीपीढ़ी 
                                                                        हज़ारीबाग़ ८२५३०१   

झारखण्ड में पंगु चुनाव आयोग

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         झारखण्ड में बदहवास  चुनाव आयोग
                     मामला विधान सभा चुनाव १४ का
तहलका डेस्क ( रांची )
झारखण्ड में हो रहे लोक सभा चुनाव में चुनाव आयोग एकदम असहाय सा दिखाई दे रहा है ,कोई कही से इनके आदेशो का पालन नहीं कर रहा है। मीडिया भी इनके आदेशो को रद्दी की टोकरी में फेक दे रहा है। चुनाव के दिन दो दो पेज का विज्ञापन अखबारों में छप रहा है जो गलत है ,पर इसका खुलासा कौन करेगा ? मीडिया बिक चूका है। झारखण्ड के लीडिंग अखबार में चार दैनिकों को चार चार करोड़ उससे कम सर्कुलेसन को दो दो करोड़ और चार छोटे अखबारों को एक एक करोड़ विज्ञापन के नाम पर दिया गया है ताकि कही से कोई कमी ना रहे यह काम वैसी पार्टी कर रही है जो अपने को सबसे अलग यानी पार्टी विथ डिफ़रेंस का नारा देते नहीं थकता है। यह विज्ञापन केंद्रीय कमेटी के तरफ से है स्थानीय उम्मीदवार अलग से विज्ञापन का झोला खोलकर चल रहे है। चैनलों को भी इसी हिसाब से विज्ञापन की थैलियां दी गयी है ,ताकि कोई विरोध में ना लिखे ,इन पैसो से ना सिर्फ मीडिया घराने बल्कि पत्रकार भी मालामाल हो रहे है। उनका मानना है की मौका अब पांच साल बाद आएगा। चुनाव आयोग मीडिया पर कोई लगाम लगाने की स्थिति में नहीं है कोई पेड़ न्यूज़ नहीं अगर कोई पेड़ न्यूज़ छपता है तो मीडिया पर कोई कार्यवाही नहीं बनेगी सिर्फ वह खर्च प्रत्यासी पर जोड़ दिया जायेगा। यह क्या फैसला है अगर कोई लीडिंग अखबार किसी प्रत्यासी को दो पेज अलग अलग न्यूज़ छाप दे वह पेड़ न्यूज़ प्रमाणित हो जायेगा ,,,कालम सेंटीमीटर के हिसाब से खर्च जुड़ जायेगा और उसका खर्च २८ लाख से ज्यादा भाग जायेगा। इस तरह कोई लीडिंग अखबार या मीडिया किसी भी प्रत्यासी को आसानी से हार के करीब ले जा सकता है। अभी की स्थिति में किसी अखबार या चैनल पर कोई डर भय या संहिता नहीं है। ज़ाहिर है की कोई भी सच्ची खबर नहीं छप रही है जो प्रत्यासी देता है ,जो चाहता है वही अखबारों में छपता है चैनलों में दिखता है। और यह विषबेल भाजपा ने लगाया है। चुनाव आयोग की यह मंशा कभी नहीं थी। टी एन सेसन ने जब अच्छे आचरण और आयोग की नीव रखी थी तब कभी भी उनकी सोच यह नहीं थी। इस तरह चुनाव आयोग अब गरीबो को चुनाव से वंचित कर देने की तरफ आगे बढ़ रहा है। या फिर चुनाव में खड़ा होकर भी वह कुछ नहीं कर पायेगा। गाड़ी बैनर झंडा खर्च किसी भी चीज़ की कोई हद नहीं है सब पैसे पर बिकता है ,भला बताईये की गरीब कहा टिकता है ? और यह  नीव भाजपा डाल रहा है,कांग्रेस गरीबो को गरीब ही रखने की मंशा रखता है ताकि वे उसके वोटर बने रहे और भाजपा उन्हें चुनाव लड़कर जितने से वंचित कर रहा है और इसमें चुनाव आयोग उनके साथी, सहयोगी, और रिस्तेदार की भूमिका निभा रहा है  झारखण्ड के मुख्य चुनाव आयुक्त पी के जाजोरिया ने सब मिट्टी पलित कर दी है। केबल नेटवर्क जो अवैध ढंग से चल रहे है वे भी चुनाव आयोग के डंडे से नहीं डर रहे है  ,धड़ाधड़ विज्ञापन न्यूज़ छाप रहे है मनमाना ढंग से। कहने को फेसबुक ट्यूटर सभी पर MCMC से सर्टिफिकेट लेना होगा पर ठेंगे पर रखा है सभी का आदेश।   
                               भाजपा का खेल 
वाह रे झारखण्ड का राजनितिक खेल अर्जुन -रघुबर -राजेंद्र- परिमल नथवाणी  सबने मिलकर ना सिर्फ टिकट बेचे बल्कि पार्टी की आबरू अस्मिता और स्टेटस भी  बेच दिया,बड़ा खेल हुवा लम्बा सौदा हुवा ,आजसू के साथ। सुदेश ने अपनी सीट बचाने के लिए तिलेस्वर के लाश को बेच दिया ,,अपना भ्रस्टाचार को छुपाने के लिए अपनी पार्टी के कई नेताओ की बलि चढ़ा दी जो पिछले ५ साल से पार्टी के जड़ को सींच रहे थे। दूसरी तरफ अमित शाह -नरेंद्र मोदी की बड़ी बड़ी बात की जा रही थी पर इनकी हवा अर्जुन मुंडा ने निकाल दी जिसको चाहा टिकट दिला दिया ,जिससे चाहा एलायंस करवा दिया ,कल सीट कम होने पर यही आजसू ब्लैक मेल करेगा ,फिर अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत करेगा जिनके जुगल जोड़ी के भ्रस्टाचार की कहानी जग ज़ाहिर है। अब सरकार ही जब ब्लैक मेल होगी तो इनपर कार्यवाही कैसे हो सकता है ? महाराष्ट्र में शिव सेना से परहेज़ करनेवाली पार्टी यहाँ आजसू के भ्रस्टाचार को अपने साथ लेकर चल रही है क्या इसमें अमित शाह जैसे तथाकथित  खिलाडी भी राजनितिक मंडी  बिकते दिखाई नहीं दे रहे है ? अमित महतो सिल्ली ,,राजा पीटर तमाड़ ,,समरेश सिंह बोकारो  ,,जैसे सीट को भी अर्जुन ने बेच दिया ,जिनकी जीत तय मानी  जा  रही थी  ,लेकिन ये अर्जुन के पिछलग्गू नहीं बनेंगे इसलिए इन्हे रास्ते से हटा दिया गया ,और केंद्रीय नेतृत्व ने इनके गलत इरादे  माफ़ इसलिए कर दिया क्युकी उन्हें मोटा माल मिल गया -चुप्पी साधने के  लिए। बड़कागांव जैसे सीट भी भाजपा की झोली में दिखाई दे रहे थे पर इनका भी सौदा हो गया ,कहा जा  रहा था की  संघ की चलेगी और संघ गलत नहीं करने देगा ,संघ नही बिकेगा। पर यहाँ संघ इस मामले में बिका भी और गलत करने की इजाजत भी दी। यानी झारखण्ड में सबकी ओकात भ्रस्ट हो जाती है। आजसू के साथ गठबंधन से फायदा सिर्फ आजसू को है भाजपा को नहीं क्युकी आजसू के मज़बूत दावेदार हर जगह से चुनाव लड़ेंगे ,बागी के रूप में, इसलिए फायदा  होने का सवाल ही नहीं  है,,बल्कि पार्टी  कार्यकर्ता उन बगिओ को मदद भी करेगा। दिखाने के लिए बागी को पार्टी से निकाल दिया जायेगा ,,बाद में ले लिया जायेगा ,अपनी खेती है ,किसी केंद्र के नेता से परमिसन लेने की जरुरत नहीं ना। 

झारखण्ड को बेचने  तईयारी चल रही है -गडकरी,शाह ,नथवाणी अर्जुन ,रघुबर ,सुदेस ,चंद्रप्रकाश सभी का सिंडिकेट है जो इस मामले में शामिल है ,इसी  कारन आजसू -भाजपा गठंबंधन हुवा है। असल में कोयले के ३२ ब्लॉक जो झारखण्ड में बिकने है उसकी तईयारी चल रही है अडानी से लेकर गडकरी तक इस मामले में शामिल है ,इसकी सुरुवात भाजपा शासनकाल में हो गयी थी जब अर्जुन मुख्यमंत्री थे ,इस काम में योगेन्द्र साव सबसे बड़ा रोड़ा थे सो उन्हें रास्ते से हटा दिया गया ,योगेन्द्र साव को जेल भेजने में केंद्र सरकार के गडकरी  लेकर मोदी तक  भूमिका निभायी और करोडो का खेल हुवा ,कप्तान मनोज कौशिक सिर्फ एक मोहरा थे ,इसीलिए उन्होंने आजतक कुछ नहीं कहा जबकि पूरी रामायण ख़त्म हो गयी। हां आगे यह नीति थी  सरकार बनाकर ये नुमाईन्दे कोयले की काली कमाई का खेल करेंगे इसमें नक्सली संगठन टी पी सी इनके साथ होगा अब तो टी पी सी का निर्माण करवाने में अहम भूमिका निभानेवाले बी डी राम इनके कुनबे में सिपाही बनकर खड़े है ,इसीलिए सिमरिया से गणेश गंझू ,लातेहार से नारायण गंझू को इनलोगो ने भाजपा से टिकट के लिए  अस्वस्त कर दिया था ,लेकिन ऐन वख्त पर मोदी जी ने गणेश का  नाम काट दिया की यह नक्सली है और नारायण गंझू टिकट मिलने के बाद ४ नवम्बर की रात्री में लातेहार में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी की कुंडली योगेन्द्र साव के पास है इसलिए उसे जेल भीतर भेज दिया गया है ,नक्सली संगठन का निर्माण  अलावे योगेन्द्र ने जो भी लूट लेवी रंगदारी का  काम किया है वह सभी नेता कर रहे है ,राजेंद्र सिंह  हद भी लाँघ चुके है ,और नक्सली संगठन बनवाने में तो बी डी राम   पर भी कार्यवाही बनती है पर ऐसा नहीं हुवा क्यों ?टी पी सी के इस मंशा को योगेन्द्र साव ने लिखकर भी दिया है। योगेन्द्र साव को पकड़वाने में दो बड़े आई पी एस अधिकारिओ की भूमिका है जो अमित शाह से लेकर गडकरी के संपर्क में है ,और इन्हे कार्पोरेट सेक्टर से दो करोड़ रु भी पेड़ करवाया है। इन सभी को भाजपा या झारखण्ड के विकास की कोई चिंता  नहीं है इन्हे चिंता है कार्पोरेट लूट की। अर्जुन मुंडा कभी नहीं चाहते है की भाजपा को ३५ से ज्यादा सीट आये वरना फिर कोई दूसरा विधायक  मुख्य मंत्री बन जायेगा ,,और तोड़ -जोड़ की जहा बात हुई वहां अर्जुन  अलावे कोई धनुर्धर सफल नहीं हो पायेगा। इसी कारण  ,राजा पिटर ,दुलाल भुईया जैसे श्योर शार्ट सीट को भी इन लोगो ने एक तरह से बेच दिया। इनकी मंशा तो यही है पर दुःख इस बात की है की अमित शाह इनके इस खेल में शामिल हो गए है। गडकरी और नथवाणी तो मानले की पहले से ही कार्पोरेट सेक्टर के वो है . अगर मोदी जी इनकी मंशा को नहीं रोक पाये तो एक बार फिर से झारखण्ड के जबरदस्त लूट की कहानी सार्थक हो जाएगी।लेकिन यहाँ देखिये 
नरेन्द्र मोदी जी ने झारखण्ड को लुटना शुरू कर दिए हैं,टंडवा प्रखंड से खुदाई शुरू कर कोयला लुट जारी है टंडवा हजारीबाग रोड में अडानी के बडे बडे हाईवा से कोयले की लूट जारी है,कोई इसका विरोध वहीं करे इसलिये टीपीसी का खौफ बनाने के लिये लुट का कुछ हिस्सा उन्हे भी दिया जा रहा है 
घाघ नेताओ के सामने नौकरशाह चित है ,आम्रपाली योजना से कोयले की ढ़ुलाई होकर बडकाकाना आ रहा है १०३ किलोमीटर जबकि वहां मात्र २७ किलोमीटर पर स्टेसन है पर अडानी ग्रुप को फायदा पहुचाना है सो जगह बदल दिया गया क्या लगता है कोल इंडिया का पैसा है सारे नेता अपने है मंत्री हिस्सेदार है तब डर काहे का ?
झारखण्ड में ९ साल तक बीजेपी का शाषण रहा। खूब लूट हुयी इन सालो में। नेता के साथ अधिकारी भी डुबकी मरते रहे। नेताओ की चरणबन्दना  करने वाले भाजपाई अधिकारी बाद में नेतागीरी करने के लिए नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल होते रहे। मोदी जी की राजनीती देखकर लगा की अब उनकी राजनीती जाएगी। लेकिन अब जब टिकट का बटवारा हुआ तो कई  नौकरशाह को टिकट  मिला।कुछ के आस निरास हो गए , बड़े अरमान से पूर्व आई ए एस मुख्त्यार सिंह ,विमल कीर्ति सिंह ,और पूर्व आई जी लक्समन सिंह ,अमिताभ चौधरी ,शीतल उड़ाव ,नंदू प्रसाद और मनोज मिश्रा बीजेपी में शामिल हुए थे और टिकट की आस लगाये थे। लेकिन घाघ नेताओ ने टिकट नहीं दिया। अब बेचारे लोग आंसू बहा रहे है। कहते फिर रहे है की जात भी गवाए और भात भी नहीं मिला। नौकरी भी गयी। आप ही बताये ये भाई लोग क्या करे।


झारखण्ड के चीर -हरण की तईयारी

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                             झारखण्ड के चीर -हरण की तईयारी 

                            लूट लो झारखण्ड पार्ट १ 
टी पी सिंह तहलका 

झारखण्ड को बेचने  तईयारी चल रही है -गडकरी,शाह ,नथवाणी अर्जुन ,रघुबर ,सुदेस ,चंद्रप्रकाश सभी का सिंडिकेट है जो इस मामले में शामिल है ,इसी  कारन आजसू -भाजपा गठंबंधन हुवा है। असल में कोयले के ३२ ब्लॉक जो झारखण्ड में बिकने है उसकी तईयारी चल रही है अडानी से लेकर गडकरी तक इस मामले में शामिल है ,इसकी सुरुवात भाजपा शासनकाल में हो गयी थी जब अर्जुन मुख्यमंत्री थे ,इस काम में योगेन्द्र साव सबसे बड़ा रोड़ा थे सो उन्हें रास्ते से हटा दिया गया ,योगेन्द्र साव को जेल भेजने में केंद्र सरकार के गडकरी  लेकर मोदी तक  भूमिका निभायी और करोडो का खेल हुवा ,कप्तान मनोज कौशिक सिर्फ एक मोहरा थे ,इसीलिए उन्होंने आजतक कुछ नहीं कहा जबकि पूरी रामायण ख़त्म हो गयी। हां आगे यह नीति थी  सरकार बनाकर ये नुमाईन्दे कोयले की काली कमाई का खेल करेंगे इसमें नक्सली संगठन टी पी सी इनके साथ होगा अब तो टी पी सी का निर्माण करवाने में अहम भूमिका निभानेवाले बी डी राम इनके कुनबे में सिपाही बनकर खड़े है ,इसीलिए सिमरिया से गणेश गंझू ,लातेहार से नारायण गंझू को इनलोगो ने भाजपा से टिकट के लिए  अस्वस्त कर दिया था ,लेकिन ऐन वख्त पर मोदी जी ने गणेश का  नाम काट दिया की यह नक्सली है और नारायण गंझू टिकट मिलने के बाद ४ नवम्बर की रात्री में लातेहार में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी की कुंडली योगेन्द्र साव के पास है इसलिए उसे जेल भीतर भेज दिया गया है ,नक्सली संगठन का निर्माण  अलावे योगेन्द्र ने जो भी लूट लेवी रंगदारी का  काम किया है वह सभी नेता कर रहे है ,राजेंद्र सिंह  हद भी लाँघ चुके है ,और नक्सली संगठन बनवाने में तो बी डी राम   पर भी कार्यवाही बनती है पर ऐसा नहीं हुवा क्यों ?टी पी सी के इस मंशा को योगेन्द्र साव ने लिखकर भी दिया है। योगेन्द्र साव को पकड़वाने में दो बड़े आई पी एस अधिकारिओ की भूमिका है जो अमित शाह से लेकर गडकरी के संपर्क में है ,और इन्हे कार्पोरेट सेक्टर से दो करोड़ रु भी पेड़ करवाया है। इन सभी को भाजपा या झारखण्ड के विकास की कोई चिंता  नहीं है इन्हे चिंता है कार्पोरेट लूट की। अर्जुन मुंडा कभी नहीं चाहते है की भाजपा को ३५ से ज्यादा सीट आये वरना फिर कोई दूसरा विधायक  मुख्य मंत्री बन जायेगा ,,और तोड़ -जोड़ की जहा बात हुई वहां अर्जुन  अलावे कोई धनुर्धर सफल नहीं हो पायेगा। इसी कारण माधव लाल ,राजा पिटर ,दुलाल भुईया जैसे श्योर शार्ट सीट को भी इन लोगो ने एक तरह से बेच दिया। इनकी मंशा तो यही है पर दुःख इस बात की है की अमित शाह इनके इस खेल में शामिल हो गए है। गडकरी और नथवाणी तो मानले की पहले से ही कार्पोरेट सेक्टर के वो है ,,,वो मतलब ,,,,,. . अगर मोदी जी इनकी मंशा को नहीं रोक पाये तो एक बार फिर से झारखण्ड के जबरदस्त लूट की कहानी सार्थक हो जाएगी। जय श्री राम
नरेन्द्र मोदी जी ने झारखण्ड को लुटना शुरू कर दिए हैं,टंडवा प्रखंड से खुदाई शुरू कर कोयला लुटना जारी है टंडवा हजारीबाग रोड में अडानी के बडे बडे हाईवा से कोयले की लूट जारी है,कोई इसका विरोध वहीं करे इसलिये टीपीसी का खौफ बनाने के लिये लुट का कुछ हिस्सा उन्हे भी !
घाघ नेताओ के सामने नौकरशाह चित
झारखण्ड में ९ साल तक बीजेपी का शाषण रहा। खूब लूट हुयी इन सालो में। नेता के साथ अधिकारी भी डुबकी मारते रहे। नेताओ की चरणबन्दना  करने वाले भाजपाई अधिकारी बाद में नेतागीरी करने के लिए नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल होते रहे। मोदी जी की राजनीती देखकर लगा की अब उनकी राजनीती जाएगी। लेकिन अब जब टिकट का बटवारा हुआ तो एक नौकरशाह को छोड़ किसी को टिकट नहीं मिला। बड़े अरमान से पूर्व आई ए एस मुख्त्यार सिंह ,विमल कीर्ति सिंह ,और पूर्व आई जी  ,अमिताभ चौधरी ,शीतल उड़ाव ,नंदू प्रसाद और मनोज मिश्रा बीजेपी में शामिल हुए थे और टिकट की आस लगाये थे। लेकिन घाघ नेताओ ने टिकट नहीं दिया। अब बेचारे लोग आंसू बहा रहे है। कहते फिर रहे है की जात भी गवाए और भात भी नहीं मिला। नौकरी भी गयी। आप ही बताये ये भाई लोग क्या करे। 
    वाह रे झारखण्ड का राजनितिक खेल अर्जुन -रघुबर -राजेंद्र- परिमल नथवाणी  सबने मिलकर ना सिर्फ टिकट बेचे बल्कि पार्टी की आबरू अस्मिता और स्टेटस भी  बेच दिया,बड़ा खेल हुवा लम्बा सौदा हुवा ,आजसू के साथ। सुदेश ने अपनी सीट बचाने के लिए तिलेस्वर के लाश को बेच दिया ,,अपना भ्रस्टाचार को छुपाने के लिए अपनी पार्टी के कई नेताओ की बलि चढ़ा दी जो पिछले ५ साल से पार्टी के जड़ को सींच रहे थे। दूसरी तरफ अमित शाह -नरेंद्र मोदी की बड़ी बड़ी बात की जा रही थी पर इनकी हवा अर्जुन मुंडा ने निकाल दी जिसको चाहा टिकट दिला दिया ,जिससे चाहा एलायंस करावा दिया ,कल सीट काम होने पर यही आजसू ब्लैक मेल करेगा ,फिर अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत करेगा जिनके जुगल जोड़ी के भ्रस्टाचार की कहानी जग ज़ाहिर है। अब सरकार ही जब ब्लैक मेल होगी तो इनपर कार्यवाही कैसे हो सकता है ? महाराष्ट्र में शिव सेना से परहेज़ करनेवाली पार्टी यहाँ आजसू के भ्रस्टाचार को अपने साथ लेकर चल रही है क्या इसमें अमित शाह जैसे तथाकथित  खिलाडी भी राजनितिक मंडी  बिकते दिखाई नहीं दे रहे है ? अमित महतो सिल्ली ,,राजा पीटर तमाड़ ,,समरेश सिंह बोकारो ,, ,,जैसे सीट को भी अर्जुन ने बेच दिया ,जिनकी जीत तय मानी  जा  रही है ,लेकिन ये अर्जुन के पिछलग्गू नहीं बनेंगे इसलिए इन्हे रास्ते से हटा दिया गया ,और केंद्रीय नेतृत्व ने इनके गलत इरादे  माफ़ इसलिए कर दिया क्युकी उन्हें मोटा माल मिल गया -चुप्पी साधने के  लिए। बड़कागांव जैसे सीट भी भाजपा की झोली में दिखाई दे रहे थे पर इनका भी सौदा हो गया ,कहा जा  रहा था की  संघ की चलेगी और संघ गलत नहीं करने देगा ,संघ नही बिकेगा। पर यहाँ संघ इस मामले में बिका भी और गलत करने की इजाजत भी दी। यानी झारखण्ड में सबकी ओकात भ्रस्ट हो जाती है। आजसू के साथ गठबंधन से फायदा सिर्फ आजसू को है भाजपा को नहीं क्युकी आजसू के मज़बूत दावेदार हर जगह से चुनाव लड़ेंगे ,बागी के रूप में, इसलिए फायदा  होने का सवाल ही नहीं  है,,बल्कि पार्टी  कार्यकर्ता उन बगिओ को मदद भी करेगा। दिखाने के लिए बागी को पार्टी से निकाल दिया जायेगा ,,बाद में ले लिया जायेगा ,अपनी खेती है ,किसी केंद्र के नेता से परमिसन लेने की जरुरत नहीं ना।


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